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रेलवे ने भर्ती परीक्षा नियमों हुआ बदलाव, अब एग्जाम में ये काम भी कर सकेंगे कैंडिडेट-

By Mani 3 min read

रेलवे ने भर्ती परीक्षा नियमों हुआ बदलाव, अब एग्जाम में ये काम भी कर सकेंगे कैंडिडेट-


नई दिल्ली. रेलवे भर्ती परीक्षाओं में कैंडिडेट्स की सुविधा के लिए कई नियमों में बदलाव किए गए हैं. अब रेलवे की किसी भी परीक्षा में अभ्यर्थी धार्मिक प्रतीकों के साथ परीक्षा देने के लिए बैठ सकते हैं. रेलवे ने इसको लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है. अब कैंडिडेट हाथ में कलावा या फिर कड़ा या पगड़ी जैसी तमाम तरह के धार्मिक प्रतीक ऐसे हैं, जिसे पहन कर वो परीक्षा केंद्र पर जा सकते हैं. यह नियम सिर्फ रेलवे की परीक्षाओं में ही लागू होगा, क्योंकि रेलवे ने फिलहाल इसको लेकर ही नोटिफिकेशन निकाला है.


दरअसल, रेलवे ने पहले परीक्षा में धार्मिक प्रतीकों को पहनकर जाने की अनुमति इसलिए नहीं दी थी कि कहीं कोई कैंडिडेट उसमें किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट छिपाकर न लेकर चला जाए और उससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हो. हालांकि अब अभ्यर्थियों की आस्था को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इस प्रतिबंध को हटा लिया है.


 पूर्ववत परीक्षा केंद्रों पर जांच प्रक्रिया

अब किसी भी धर्म से जुड़े अभ्यर्थी अपने धार्मिक प्रतीकों जैसे पगड़ी, हिजाब, कड़ा और क्रॉस लॉकेट आदि धारण कर परीक्षा केंद्र में जा सकते हैं. हालांकि रेलवे ने इस बदलाव के साथ ये भी स्पष्ट किया है कि किसी भी धर्म से जुड़े प्रतीकों के साथ अभ्यर्थियों को जाने की तभी अनुमति मिलेगी, जब तक कि वो सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की दिक्कत न पैदा करें, क्योंकि परीक्षा केंद्रों पर जांच प्रक्रिया पहले की तरह ही होगी और उसी के अनुसार कैंडिडेट्स का वैरिफिकेशन भी किया जाएगा.


 इसलिए बदला गया ये नियम

हाल ही में कर्नाटक में रेलवे भर्ती परीक्षा के दौरान कुछ छात्रों के हाथों से धार्मिक प्रतीक (कलावा) उतरवा दिया गया था. पंजाब में भी ऐसा ही हुआ था. इसके बाद छात्रों ने इसका काफी विरोध किया था, जिसके बाद रेलवे ने यह फैसला किया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में हुए इस बदलाव को सेक्युलर गाइडलाइन नाम दिया गया है, जहां आस्था और विश्वास का सम्मान करते हुए परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा को भी पूरी तरह बनाए रखा गया है.


 रेलवे परीक्षा में सुधार को लेकर कई बदलाव

रेलवे प्रवक्ता दिलीप कुमार ने बताया कि रेलवे की परीक्षा में सुधार को लेकर कई तरह के प्रयास किए गए हैं, जिसमें साल 2024 में पहली बार ग्रुप-सी की बहाली के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी किया था. असिस्टेंट लोको पायलट, टेक्नीशियन और लेवल वन की भर्ती सबके लिए हम लोगों ने वार्षिक कैलेंडर जारी किया. इसके अलावा यह नियम भी लागू किया गया है कि छात्रों का परीक्षा केंद्र 250 किलोमीटर के दायरे में आयोजित किया जाएगा और अगर केंद्र पर जगह नहीं मिली, तब 500 किलोमीटर के दायरे में असाधारण परिस्थितियों में परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा. इसके अलावा जितने भी परीक्षा केंद्र होंगे, वहां पर 100त्न सीसीटीवी होगा.


 एआई के माध्यम से चेहरे का सत्यापन

परीक्षार्थियों की पहचान के लिए चेहरे का मिलान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड सिस्टम से रियल टाइम फेस मैचिंग द्वारा करने का फैसला लिया गया है. इसके अलावा केवाईसी के माध्यम से भी चेहरे के सत्यापन का फैसला लिया गया है. रेलवे भर्ती प्रक्रिया में वेबसाइट पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्रदान की गई है और जो दिव्यांगजन हैं, जो सुन नहीं सकते, देख नहीं सकते, उनके लिए भी अलग से फीचर्स उसमें उपलब्ध कराए गए हैं. ऑडियो सिस्टम भी है, जिसमें पूरी प्रक्रिया के बारे में समझाया गया है.

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